प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को रावण दहन पर रोक लगाने हेतु नोटिस जारी

प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को
रावण दहन पर रोक लगाने हेतु नोटिस जारी


इन्दौर । दिनांक 28.09.2019 । श्रीमान प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 इन्दौर श्री गौरव गर्ग द्वारा मुकदमा नं. ए/8166/19 धर्मेन्द्र शुक्ला एवं प्रहलाद शर्मा द्वारा संयुक्त रुप से प्रस्तुत वाद पर दिनांक
25.09.19 को प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, राज्य शासन, केन्द्र शासन, कलेक्टर को नोटिस जारी किया है । धर्मेन्द्र शुक्ला एवं प्रहलाद शर्मा ने रावण भक्त श्री महेश गौहर के सहयोग से महा पंडित,
महाज्ञानी, विद्वान, चारो वेदो के ज्ञााता रावण का पुतला प्रति वर्ष दशहरे पर दहन करने पर रोक लगाने की मांग करते  हुए  न्यायालय में दावा पेश किया है जिस पर न्यायालय ने संबंधित पक्षो को नोटिस
जारी करने के आदेश दिये है । याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि ऐसी
दकियानुसी परम्परा से प्रबुद्ध वर्ग, ब्राम्हण बुद्धिजिवी वर्ग,
विद्वानों का अपमान होता है साथ ही समाज के वातावरण में प्रदुषण
फैलता है जो मानव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है । उन्होने आचार्य
चाणक्य के सिद्धांतों का भी उदाहरण दिया है । आचार्य ने कहा था
जिस देश में विद्वानो का आदर नही होता वह देश नष्ट हो जाता है ।
अतः महापंडित, महाविद्वान रावण पर एक आरोप को लेकर हर साल
उनका पुतला दहन करना विद्वानांे का अपमान है यह बंद किया
जावे । उन्होने यह भी बताया है कि जो महापंडित ऋषि पुत्र का पुतलाा जलाते है, वे सारे दुष्कर्मो में लिप्त होते है ऐसे लोगो को उनका पुतला जलाने का अधिकार कैसे हो सकता है l और यह कृत्य एक सभ्य मानव समाज में हिंसा की प्रवृत्ति को बढावा मिलता है । देश व दुनिया के कई हिस्सो में रावण के मंदिर बने है जहां उनकी सम्मान के साथ पूजा की


जाती है । भगवान श्रीराम का आदर्श भी यही है कि विद्वान यदि शत्रु भी है l तो उसका आदर किया जावे । अतः समय में लक्ष्मण को भी उन्होने रावण से आदर सहित शिक्षा लेने भेजा था ।