ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रतसिंह, प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा एवं उपाध्यक्ष श्री अभय दुबे की पत्रकार वार्ता l*

      *ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रतसिंह, प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा एवं उपाध्यक्ष श्री अभय दुबे की पत्रकार वार्ता l*


दिनांक 31 अक्टूबर, 2019
निभाया हमने वादा-बिजली का बिल हुआ आधा
महंगी बिजली का काम तमाम, 
'इंदिरा गृह ज्योति योजना' के आये परिणाम


प्रियदर्शिनी स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी की मान्यता थी कि प्रजातंत्र तभी चरितार्थ हो सकता है, जब समाज के वंचित वर्गों तक योजनाआंे का लाभ पहुंचे। आज सही मायने में मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने 'इंदिरा गृह ज्योति योजना' के माध्यम से प्रदेश के 97,40,699 परिवारों को 100 यूनिट तक घरेलू बिजली एक रूपये यूनिट की दर से उपलब्ध कराकर भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी को उनके पुण्य स्मरण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। 
देश के लोह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने आजादी के आंदोलन में अपनी पहली आहूती गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों की लड़ाई लड़कर दी थी। आज यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने 'इंदिरा किसान ज्योति योजना' के तहत देश की सबसे सस्ती श्रेणी की बिजली मात्र 44 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्रदेश के किसानों को उपलब्ध कराकर सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जन्म जयंती पर सच्चे अर्थों में पुष्पांजलि अर्पित की है।
इंदिरा गृह ज्योति योजना से प्रदेश हुआ रोशन:-
 मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्मंत्री कमलनाथ जी ने प्रदेश के नागरिकों को वचनपूर्वक कहा था कि हम बिजली खर्च के बोझ को आधा कर देंगे। आज हम यह बताते हुये अभिभूत हैं कि इंदिरा गृह ज्योति योजना के माध्यम से मात्र एक रूपये प्रति यूनिट की दर से 100 यूनिट तक बिजली, 150 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल घरेलू बिजली के उपभोक्ता 1,16,97,880 है। बेहद उत्साहवर्धक परिणाम इंदिरा गृह ज्योति योजना के आये हैं। हमें यह बताते हुये खुशी हो रही है कि कुल 97,40,699 उपभोक्ताओं को अर्थात 83.27 प्रतिशत घरेलू 



बिजली के उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ देने में हमने कामयाबी हासिल की है।
 जबकि, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा संचालित संबल योजना में मात्र 35.72 प्रतिशत लोगों को ही लाभान्वित किया गया था। जिसमें भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आयी हैं। 
 इंदिरा गृह ज्योति योजना में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत 86.81 प्रतिशत उपभोक्ताओं को, मध्यक्षेत्र में 79.60 प्रतिशत उपभोक्ताओं को, पश्चिम क्षेत्र में 82.35 प्रतिशत उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत प्रदेश की कांगे्रस सरकार 3400 करोड़ रूपये की वार्षिक सब्सिडी प्रदान कर रही है।      
अजा/अजजा/ बीपीएल परिवारों के घर सस्ती बिजली से हुए रोशन-
 मध्यप्रदेश कांगे्रस सरकार प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े हुये आमजन का हाथ दृढ़ता से थामें हुये है। हम गर्व की अनुभूति करते हैं कि प्रदेश के अजा/अजजा/ बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मासिक बिजली की खपत पर मात्र 25 रूपये लिये जा रहे हैं एवं चार माह में एक बार 100 रूपये लिये जाने की व्यवस्था की गई है।
अन्नदाता को देश की सबसे सस्ती श्रेणी की बिजली -
 यशस्वी मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी की मान्यता है कि प्रदेश का अन्नदाता किसान ही सही मायने में प्रदेश की प्रगति का कर्णधार है। हमने अपने वचनपत्र में वादा किया था कि प्रदेश के किसानों का बिजली का बिल हाॅफ करेंगे और आज हमने प्रदेश के किसानों के स्वप्नों को साकार किया है। दस हाॅर्स पाॅवर तक के कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दरों को आधा कर दिया है। हमें यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि पूर्ववर्ती सरकार में जो 1400 रूपये प्रति हाॅर्स पाॅवर, प्रतिवर्ष कृषि पंपों की विद्युत दर निर्धारित थी, उसे हमने एकदम आधा करके 700 रूपये प्रति हाॅर्स पाॅवर प्रतिवर्ष कर दिया है। इससे 19.91 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना के तहत प्रति किसान उपभोक्ता को लगभग 47 हजार रूपये प्रति वर्ष सब्सिडी दी जा रही है। 
 कांगे्रस सरकार ने इस योजना हेतु अब तक 2622.53 करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान की है और अक्टॅूबर 2019 से मार्च 2020 तक के लिए 6137.94 करोड़ रूपये की सब्सिडी का प्रावधान 20.10 लाख कृषि पंपों के लिए किया है।   
 इतना ही नहीं, हमने स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के अतिरिक्त अस्थायी कृषि पंप उपभोक्ताओं की विद्युत दर पूर्व की भाजपा सरकार की तुलना में कम की है। 



ग्रामीण क्षेत्र में तीन माह के अस्थायी कृषि पंप कनेक्शन हेतु तुलनात्मक दरें निम्नानुसार हैं:- 
कृषि पंप
(एच.पी.) वर्ष 2018
(भाजपा सरकार के समय की दर) वर्ष 2019
(हमारी सरकार के समय की दर
3 एच.पी. 7959   रू. 4654  रू.
5 एच.पी. 13128  रू. 7620  रू.
7.5 एच.पी. 20881  रू. 12069 रू.
10 एच.पी. 26050  रू. 15035 रू.
छोटा किसान-निःशुल्क बिजली का योगदान -
 एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग के कृषकों को 5 हार्सपाॅवर तक के कृषि पंप कनेक्शनों हेतु निःशुल्क बिजली दी जा रही है, जिसकी एवज में हमारी सरकार बिजली कंपनियों को 3800 करोड़ रूपये वार्षिक की सब्सिडी देगी।     
विद्युत क्षेत्र में विगत दस माह में अधोसंरचना संबंधी कार्य -
 हमारी सरकार ने विगत दस माह में विद्युत क्षेत्र में अधोसंरचना के विभिन्न कार्यों को पूर्ण किया है, जो निम्नानुसार हैं:-
- अति उच्चदाब उपकेंद्र की स्थापना - 10
- अति उच्चदाब उपकेंद्रों में क्षमता वृद्धि के कार्य - 24
- 33/ 11 केव्ही उपकेंद्र की स्थापना - 90
 इसके अतिरिक्त 50,521 जले एवं खराब  वितरण ट्रांसफार्मरों की शीघ्र बदल कर गैर कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 24 घंटे तक कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है।  
विद्युत दुर्घटना में पशुहानि में आर्थिक सहायता -
 हमारी सरकार द्वारा वचन पत्र के पालन में विद्युत दुर्घटना में पशुहानि होने पर राजस्व पुस्तिका 6/4 के नियमों को लागू किया है।
 इसके कारण अब तक 88 प्रकरणों में हमारी सरकार द्वारा 20 लाख 85 हजार रूपये की आर्थिक सहायता पशु मालिकों को उपलब्ध करायी है। 
मीटर रीडिंग की देरी से अब बिल बढ़ाकर नहीं दिया जायेगा -
पहले भाजपा सरकार के समय मप्र के उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि मीटर की रीड़िंग देर से की जाती है और अधिक बड़ी हुई स्लैब में बिल बना दिया जाता है। कांगे्रस सरकार ने बड़ी राहुत देते हुए प्रो-राटा खपत के आधार पर बिलिंग व्यवस्था शुरू की है। अर्थात अगर मीटर की रीडिंग देर से दर्ज की गई है तो तीस दिनों की एवरेज खपत निकालकर उसकी स्लैब निर्धारित की जायेगी। उदाहरण के लिए यदि एक उपभोक्ता का मीटर 36 दिनों में पढा जाता है और दर्ज की गई खपत 180 यूनिट है तो उपभोक्ता को पहले रू. 1303 देय था, लेकिन अब मात्र रूपये 937 देना होगा।


Popular posts
Taiwanese Headlightbrands gaining 70% market share in EU and US through smart transformation
Image
उद्घाटन हेतु केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जी को दिया गया निमंत्रण पत्र
Image
*पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का बड़ा एलान, रात में पुलिस छोड़ेगी महिलाओं को घरl*
*इंदौर कलेक्टर लोकेश जाटव सिटी बस में यात्रा करके पहुंचे अपने कार्यालय l*
Image
25 बार चिदम्बरम को जमानत देने वाले न्यायाधीश की भी जांच होनी चाहिये ये माजरा क्या है.? काँग्रेस द्वारा किया गया विश्व का सबसे बड़ा घोटाला खुलना अभी बाकी है......बहुत बड़े काँग्रेसी और ब्यूरोक्रैट्स पकड़े जायेंगे। इसलिये चिदम्बरम को बार -बार जमानत दी जा रही है।*