* 8 अप्रैल पूर्णिमा हनुमान जन्मोत्सव  कष्टो और विपदाओं को हरेगें बजरंगी।*   * परन्तु आज हम उन विशेष रूपों की चर्चा करेंगे की किस स्वरूप की उपासना से क्या फल मिलता है।।*

 * 8 अप्रैल पूर्णिमा हनुमान जन्मोत्सव 
कष्टो और विपदाओं को हरेगें बजरंगी।*


  * परन्तु आज हम उन विशेष रूपों की चर्चा करेंगे की किस स्वरूप की उपासना से क्या फल मिलता है।।*


         मंगल मूरत मारुति नंदन


     सकल अमंगल मूल निकंदन ।


  जिनके सुमिरन से अमंगल दूर होता है,


    वह है श्री रामदूत हनुमान जी।


   8 तारीख पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा जो विशेष रूप से भी विपदाओं को हरने वाला होगा, वैसे तो हनुमान जी के अनेक रूप हैं, जिनकी आराधना से अलग अलग फल मिलते है।।


   परन्तु आज हम उन विशेष रूपों की चर्चा करेंगे की किस स्वरूप की उपासना से क्या फल मिलता है।।


1:- संजीवनी बूटी लिए हनुमान जी= हनुमान जी के इस स्वरूप की उपासना से सेहत की समस्या दूर होती हैं, हनुमान जी के इस चित्र को स्थापित कर सामने घी का दिया जलाएं खीर और तुलसी दल का भोग लगाएं, मंत्र:-ऊँ श्री रामदूताय नमः का जाप 11 माला करें,फिर सेहत की रक्षा के लिए प्रार्थना करें।।


 गदाधारी हनुमान जी:- ये चित्र लगाने से हर प्रकार के संकट का नाश होता है इस चित्र में हनुमान जी गदा लेकर खड़े हो, इस चित्र के सामने रोज सुबह चमेली के तेल का दिया जलाएं उसके बाद हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं, स्त्री फूल अर्पण करें ।।
मंत्र:- संकट  टरै  मिटे  सब  पीरा ।
जपत  निरंतर  हनुमत  बीरा ।


11 माला जाप करें,फिर संकट के नाश की प्रार्थना करें।।


 रामायण पढ़ते हनुमान जी:-  की उपासना से विद्या और बुद्धि मिलती है, जिसमें वह रामायण पढ़ रहे हो इस चित्र के सामने चौमुखा दिया जलाएं।।
बल  बुद्धि  विद्या  देहु ।
मोहि  हरहु  क्लेश  विकार।।


11 माला  जाप  नित्य  करें।


 हनुमान जी को गुड़ तुलसी का भोग लगाएं इसके बाद शिक्षा और बुद्धि प्राप्ति हेतु प्रार्थना करें,ये चित्र विद्यार्थियों को अपने स्थान पर जरूर लगाना चाहिए ।।


ह्रदय में सीता राम हनुमान जी:- सीता प्रकृति है राम पुरूष और हनुमान भक्ति, भक्ति से ही सृष्टि का निर्माण होता है।।


 अगर आप को संपूर्णता प्राप्त करनी हो,तो हृदय में सीताराम बैठे हनुमान जी का चित्र लगाकर उपासना करें, इससे पैसों की प्राप्ति और ऋण से मुक्ति मिलेगी।।


 इस चित्र के सामने घी के नौ दिया जलाये इसके बाद अर्थ प्राप्ति और ऋण मुक्ति की प्रार्थना करें--
मंत्र:- ऊँ हं हनुमते नमः मंत्र की 11 माला जाप करें।।


वरदाता हनुमान जी:- हनुमान जी का वो चित्र स्थापित करें जिसमें वो बैठे हुए आशीर्वाद दे रहे हैं ,ऐसा चित्र लगाने से आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी।।


 ये विशेष चित्र हैं, चित्र के सामने पूर्णिमा के दिन घी के नौ दीपक जलायें,अन्य दिन व  मंगलवार के दिन एकमुखी दीपक जलाकर लाल पुष्प से पूजा करें।।


हनुमान जी को किसी भी मीठी चीज का भोग लगायें,उसमें तुलसी के दो पत्र जरूर डाले,,नियमित सुबह उठकर इस चित्र का दर्शन करके ही दिन की शुरूआत करें,पूरा दिन बेहतर होगा।।


विशेष सलाह:- कच्ची घानी के तेल के दीपक में दो लौंग का जोड़ा डालकर हनुमान जी की आरती करें, संकटमोचन हनुमानाष्टक से संकट दूर होगा व धन की प्राप्ति होगी।।


2:- अगर धन की स्थितियां बन रही हो लेकिन फिर भी लाभ नहीं मिल रहा हो तो हनुमान जयंती पर गोपी चंदन के नौ डलियां लेकर केले के वृक्ष पर टांग देनी है, याद रहे ये चंदन पीले धागे से ही बांधना है।।


    आचार्य राज पाण्डेय
          अयोध्या
      6394126276